चीन नेबिया पर लगाया 2.78 अरब डॉलर का जुर्माना, पिछले साल शुरू की थी कंपनी के खिलाफ जांच

शंघाई: चीन के डिजाइनर्स ने ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी आईबी पर 18.2 बिलियन डॉलर (2.78 बिलियन डॉलर) का दबाव लगाया है। कंपनी पर यह जुर्माना मार्केट पोजिशन का दुरुपयोग करने के आरोप मे लगाया गया है। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने कहा कि मार्केट रेगुलेशनिबा ने दिसंबर में आइबा की जांच शुरू होने के बाद जुर्माने का आकलन किया था।

चीन के प्रोग्रामिंग निर्माताओं के मुताबिक़आओ ने एक देयता विरोधी कानूनों का उल्लंघन किया है। इसके साथ ही मार्केट में अपनी पोजिशन का भी दुरुपयोग किया। सिन्हुआ ने कहा कि आतंकवादियों ने अली की 2019 में हुई 459.7 बिलियन डॉलर बिक्री के चार प्रतिशत के बराबर अंगों को लगाया है, जो लगभग 2.78 बिलियन डॉलर है।

अंडर में चीनी टेक कंपनियां हैं
आइब और दूसरी मुख्य चीनी टेक कंपनियों के उनके प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंता के बीच दबाव में आ गए हैं। ये प्लेटफॉर्म का उपयोग कस्टमर्स खरीदारी करने, बिलों का भुगतान करने, टैक्सी बुक करने, लोन लेने और दूसरे डेली टास्क के साथ करते हैं। तब तक जांच के दायरे में आ गया जब सह-संस्थापक जैक मा ने चीनी व्यापारियों की आलोचना की। Ib के एंट ग्रुप के लोन, वेल्थ मैनेजमेंट और बीमा में बढ़ते प्रभाव को लेकर चीनी व्यापारियों ने कई बार चिंता व्यक्त की थी।

रेगुलेटर्स की आलोचना के बाद जैक मा की कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई
जैक मा की दिक्कतें तब शुरू हुईं, जब उन्होंने 24 अक्टूबर 2020 को सार्वजनिक मंच से चीन के रेगुलेटरी सिस्टम के कथित पक्षपात की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर भी सवाल उठाए थे। जैक मा की इस सार्वजनिक आलोचना को चीन के राज्य डोमिनेट वित्तीय क्षेत्र के लिए एक चुनौती के रूप में देखा गया। इसके बाद एंट ग्रुप का 37 अरब डॉलर का आईपीओ टल गया था।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021: प्लेन से उतरते ही इस शक्स के गले मिले पीएम मोदी, जानें कौन हैं करीमुल फकीर

सिलिगुड़ी: पश्चिम बंगाल चुनाव में प्रचार के लिए सिलीगुड़ी पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी (नरेंद्र मोदी) बागडोगरा के हवाई अड्डे पर उतरे। प्लेन से उतरते ही उन्होंने एक व्यक्ति को गले लगा लिया। जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हो गई।

बाइक एगारेंस दादा के रूप में प्रसिद्ध

पीएम मोदी ने हवाई हमले पर जिस शख्स को गले लगाया, वह प्रसिद्ध समाजसेवी और पदमश्री अवार्डी करीमुल हकदार (करीमुल हक) थे। जलपाईगुड़ी क्षेत्र में उनकी पहचान बाइक एकारेंस दादा (बाइक एम्बुलेंस दादा) के रूप में है। उन्होंने गंभीर रूप से बीमार लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए अपनी मोटरसाइकल को बाइक एकर्न्स के रूप में बदल दिया था। उसके बाद से वे जलपुरी क्षेत्र में अब तक सैकड़ों रोगियों को समय पर अस्पताल पहुंचकर उनकी जिंदगी बचा चुके हैं। उनकी सेवाओं का सम्मान करते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें पदमश्री अवार्ड देकर सम्मानित किया था।

इस तरह की बाइक एएरेंस का आइडिया आई

करीमुल हक चाय बागान में काम कर रहे थे, तभी उनके एक साथी की तबियत अचानक खराब हो गई और वह निधाल के साथ गिर पड़ा। उन्होंने एर्केन को फोन किया लेकिन उन्हें आने में काफी देर लग रही थी। यह देखता है कि करीमुल हक ने साथी को अपनी पीठ से बांधा और तीसरे साथी की मदद से बाइक चलाकर करीब 45 किमी दूर अस्पताल ले गया। जिससे उसका जीवन बच गया। इससे उन्हें बाइक एकारेंस शुरू करके लोगों की सेवा करने का आइडिया आया।

5 हजार मरीजों की राहत मिल चुकी है

करीमुल हक की बाइक एकरेंस अब इलाके में मशहूर हो चुकी है। जिन इलाकों में वे काम करते हैं, वहां सड़कों की हालत बहुत खराब है। ऐसे में वहाँ समय पर एकारेंस नहीं पहुँच पाती। ऐसे में कोई भी गंभीर स्थिति आने पर लोग करीमुल हक को मदद के लिए कॉल करते हैं और वे तुरंत बाइक लेकर अपने घर पहुंच जाते हैं। हक के मुताबिक वे अब तक करीब 5,000 मरीजों की जान बचा चुके हैं। मुफ्त बाइक एकारेंस सेवा देने के अलावा वे गांव वालों को मुफ्त फर्स्ट ऐड की ट्रेनिंग का कार्यक्रम भी चला रहे हैं।

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